do ladkiyon ki sex story - lesbian sex story hindi mein - lesbian desi indian wallpaper
do ladkiyon ki sex story – lesbian sex story hindi mein – lesbian desi indian wallpaper

मैं नेहा एक बेहद खूबसूरत लड़की। बात उस समय की है जब मैं अट्ठारह साल की थी और मैंने बारहवीं कक्षा में प्रवेश लिया था। स्कूल मेरे घर से छह किमी दूर था।

अभी स्कूल खुला भी नहीं था कि मेरे माँ-बाप चिन्तित थे कि मैं स्कूल कैसे जाऊँगी, किसके साथ जाऊँगी? एक दिन शाम को हम सभी बैठे थे, तभी पिता जी को एक फोन आया तो वे चले गए।

मैं मॉम से बोली- आप लोग बिना मतलब परेशान है। मैं कोई छोटी बच्ची नहीं हूँ। समझदार हो गई हूँ।

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अभी मेरी उम्र 25 वर्ष है, ये मेरे जीवन की सत्य घटना है, जो 4 वर्ष पहले मेरे साथ घटी। उस वक्त जब मैं स्नातक में था। मैं अपने चाचा के साथ ही रहता था। मेरे चाचा की नई-नई शादी हुई थीं। चाची 26 साल की थीं और दिखने में भी खूबसूरत थीं।
चूँकि मेरे चाचा आर्मी में थे, तो वो शादी के एक माह के बाद ही अपनी जॉब पर चले गए। उनके जाने के बाद चाची गुमसुम सी रहने लगीं थीं। रात को भी बेचैन रहती थीं।
अब मुझ पर भी जवानी छा चुकी थी। पोर्न-मूवी देख-देख कर और सैक्स स्टोरी पढ़ कर मैं सैक्स के बारे में काफी कुछ जान चुका था इसलिए मैं चाची की तड़प को समझ सकता था। मगर मजबूर था चाह के भी कुछ नहीं कर सकता था। घर पर मैं, चाची और दादी रहते थे।
चाची के आने के बाद मैं भी चाची के साथ रहने लगा क्योंकि वो पढ़ाई में मेरी मदद करती थीं। धीरे-धीरे हम दोनों एक दूसरे के साथ घुल मिल गए। देखते-देखते 6 माह गुजर गए। अब हम अच्छे दोस्त बन चुके थे। (more…)


मेरा नाम सुनील है, मैं कोलकाता में रहता हूँ, उम्र 28 की है और मैं किराए के घर में अकेला रहता हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं 24 साल का था और हमारी काम वाली जिसकी उम्र 34 की थी और बदनाकार 36-30-38 था, हमारे यहाँ काम करती थी। मैं उसके मस्त सेक्सी बदन को देख देख कर उसके बारे सोच सोच कर रोज अपने लंड से घंटों खेला करता था। वो जब घर पर झाड़ू लगाने लगती, तो मैं बातों-बातों में उसके जिस्म को निहारता रहता था और मेरा लंड फूल कर 7″ का हो जाता था और पैंट से बाहर आने को बेक़रार रहता था, जिसे देख कर वो मुस्कुराती थी।

एक दिन मैंने ठान लिया कि जैसे भी करके मैं उसकी बूर चोदूँगा और फिर गांड भी मारूँगा। उस दिन से मैंने योजना बनानी शुरु की। वो सुबह काम पर 6.30 बजे आती थी, तो एक दिन मैं सुबह जल्दी उठ गया, बदन से सारे कपड़े उतार दिए, अपने घर के दरवाजे की कुण्डी खोल कर वापस अपने बिस्तर पर जाकर उसके आने का इन्तजार करने लगा और अपने लंड पर थूक लगा कर उसके साथ प्यार से उसके जिस्म के बारे सोच कर खेलने लग गया। (more…)


मैं अंकिता संतनगर, दिल्ली में रहती हूँ। वैसे मेरा होमटाउन उत्तराखंड में है परन्तु पढ़ाई की वजह से मैं पिछले दो साल से दिल्ली में ही रह रही हूँ। यहाँ मैं अपने दीदी और जीजाजी के साथ रहती हूँ। मैं डिजाइनिंग और मटेरियल का डिप्लोमा कर रही हूँ।

लगभग तीन महीने पहले मुझे मेरी एक दोस्त ने इस साइट के बारे में बताया। मैंने यहाँ पर बहुत सारी कहानियाँ पढ़ी तब मुझे भी लगा कि मुझे अपनी कहानी भी यहाँ पर लिखनी चाहिए। मैं यह कहानी काल्पनिक नहीं है बल्कि यह मेरे साथ घटी सच्ची घटना है।

जब दो साल पहले मैं नई नई दिल्ली में आई थी तब मैं पहाड़ की एक सीधी साधी लड़की थी। मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी पता नहीं था। बारहवीं मैंने गर्ल्स कॉलेज से किया था अतः बॉयफ्रेंड वगैरह से कुछ लेना देना नहीं था। (more…)


पिछली गर्मियों की बात है जब मेरे पति की मौसी का लड़का विकास हमारे घर आया हुआ था, वो बहुत ही सीधा साधा और भोला सा है, उसकी उम्र करीब 19-20 की होगी, मगर उसका बदन ऐसा कि किसी भी औरत को आकर्षित कर ले, मगर वो ऐसा था कि लड़की को देख कर उनके सामने भी नहीं आता था। मगर मैं उस से चुदने के लिए तड़प रही थी और वो ऐसा बुद्धू था कि उसको मेरी जवानी दिख ही नहीं रही थी, मैं उसको अपनी गाण्ड हिला हिला कर दिखाती रहती मगर वो देख कर भी दूसरी और मुँह फेर लेता। जहाँ तक कि मैं वैसे भी उसके साथ बात करती तो वो शर्म से अपना मुँह छिपा रहा होता। मैं समझ चुकी थी कि यह शर्मीला लड़का कुछ नहीं करेगा, जो करना है मुझे ही करना है।
एक दिन मैं सुबह के वक्त मैं अपनी सास और ससुर को चाय देकर जब उसके कमरे में चाय लेकर गई तो वो सो रहा था मगर उसका बड़ा सा कड़क लौड़ा जाग रहा था, मेरा मतलब कि उसका लौड़ा पजामे के अन्दर खड़ा था और पजामे को टैंट बना रखा था।
मेरा मन उसका लौड़ा देख कर बेहाल हो रहा था कि अचानक उसकी आँख खुल गई, वो अपने लौड़े को देख कर घबरा गया और झट से अपने ऊपर चादर लेकर अपने लौड़े को छुपा लिया। मैं चाय लेकर उसकी चारपाई पर ही बैठ गई और अपनी कमर उसकी टांगों से लगा दी. वो अपनी टाँगें दूर हटाने की कोशिश कर रहा था मगर मैं ऊपर उठ कर उसके पेट से अपनी गाण्ड लगा कर बैठ गई। (more…)



मेरा नाम है राजू, मेरा कद 6 फीट है और पंजाब का रहने वाला हूँ। यह मेरी पहली सेक्स कहानी है जो आज आप लोगों को बताने जा रहा हूँ, यह पूर्णतया सत्य है।
और हाँ, आपको तो एक बात तो बताई ही नहीं, मेरा लंड आठ इंच लंबा और दो इंच मोटा है। क्यों? सुनते ही मुँह में पानी आ गया ना?
जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तो मेरी क्लास में एक लड़की थी जिसका नाम था अंजलि उसका कद भी 5’8″ इंच था। सभी दोस्त रोज मेरा और उसका नाम बोर्ड पर लिख देते, वे उसे भाभी बुलाते थे। वो भी सब कुछ जानती थी फिर भी चुप रहती थी।
एक दिन मैंने उसे प्रेम पत्र लिखा और उस तक उसकी सहेली के जरिये भेजा, कहा- अभी जवाब लेकर आना।
उसकी सहेली ने कहा कि अंजलि ने कहा है वो कल बताएगी।
अगले दिन हम पेपर देकर सब कैंटीन में बैठ कर चाय पी रहे थे अचानक अपनी सहेली अमन आई एक चिठ्ठी दे के चली गई। वो अंजलि की चिट्ठी थी, जिसमें उसने मुझे शाम को अपने घर बुलाया। पहले तो मैं डर सा गया कि क्या इसने अपने घर वालों को सब कुछ बता तो नहीं दिया। (more…)


मेरा नाम समीर है ३२ साल की उम्र है, बेंगलुरु का रहने वाला हूं, एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता हूं. और मेरी बीवी कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंजीनियर है.

हमारा सेक्स लाइफ काफी अच्छा है, जब भी मुड आता है तो दोनों स्टार्ट हो जाते हैं और स्पेशल मेरे दिमाग में हमेशा सेक्स ही घूमता रहता है.

मुझे हमेशा से बड़ी उमर की लेडिज पसंद है और उनका फिगर देखकर मैं ज्यादा एकसाइट हो जाता हूं. कई बार मैने मॉर्निंग वॉक के लिए सिर्फ आंटी को देखने के लिए जाता हूं. (more…)



हमारे पड़ोस में एक भाभी रहती है, भाईसाहब की मृत्यु कोई चार वर्ष पहले हो गई थी। भाभी की उम्र कोई 45 के आस पास होगी, लेकिन फिगर अच्छा मेंटेन कर रखा था, इस उम्र में भी उन्हें कोई 35-36 से ज्यादा का नहीं कह सकता।

उनका लड़का एक लड़की को लेकर भाग गया, छोटी लड़की की अभी पिछले वर्ष ही शादी कर दी है। लड़की की शादी के बाद भाभी जी हर महीने गोवर्धन परिक्रमा लगाने के लिए जाती थी, उनके साथ मैं भी जाता था। वहीं का किस्सा मैं सुनाने जा रहा हूँ।

हर महीने की तरह जनवरी में हम लोग गोवर्धन के लिए निकले। भाभी को अगले दिन कहीं जाना था, सो उन्होंने कहा- आज जल्दी चलते हैं ताकि शाम के समय ही परिक्रमा पूरी कर लें और सुबह पहली बस पकड़ कर वापिस आ जायेंगे। (more…)


मेरा नाम डौली है, मैं पंजाब से अमृतसर की एक बेहद कमसिन हसीना हूँ, मैं भरे हुए यौवन की पिटारी हूँ जिसको हर मर्द अपने नीचे लिटाना चाहता है, पांच फ़ुट पांच इंच लंबी, जलेबी जैसा बदन, किसी को भी अपनी ओर खींचने वाला वक्ष, पतली सी कमर, मस्त गद्देदार गांड, गुलाबी होंठ, गोरा रंग !
अपने से बड़ी लड़कियों के साथ मेरा याराना है। मैंने इसी साल बारहवीं क्लास की है और नर्सिंग के तीन साल के कोर्स में मैंने दाखला लिया है। मेरी माँ की शादी सोलहवें साल में हो गई थी और बीस साल तक पहुंचते दो लड़कियो की माँ बन गई, सुन्दर औरत है, पांच बच्चे जन चुकी है लेकिन अभी भी कसा हुआ जिस्म है।

मेरी माँ के कई गैर मर्दों के साथ रिश्ते थे जिससे मेरा बाप माँ के साथ झगड़ा करता। पापा ने काफी जायदाद माँ के नाम से खरीदी थी। आखिर दोनों में तलाक हो गया, तीन बच्चे पापा ने रखे और हम दो माँ के साथ रहने लगीं। (more…)



मेरा नाम प्रतीक है, मेरी उम्र 21 साल है, मैं जयपुर का रहने वाला हूँ। मैं सेक्स का बहत शौक़ीन हूँ। मेरे लण्ड आकार 7 इंच, काफी मोटा है जो किसी लड़की को अच्छी तरह से संतुष्ट कर दे।

मैं आज आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो कुछ ही दिन पहले की है। मैं अलवर आया था इंजीनियरिंग करने के लिए, मुझे मेरे घर वालों ने एक कमरा किराए पर दिलवा दिया। उस घर के मालिक की एक बेटी थी उसका नाम तृप्ति था जो मेरे साथ ही कॉलेज में पढ़ती थी, उसके बारे में क्या बताऊँ मैं !

एकदम गोरा रंग, कसम से क्या लगती थी 36-25-37, उसके मम्मे इतने कसे हुए थे जिनको देखकर हर कोई पागल हो जाए।

वो बहुत सीधी लड़की थी, किसी भी लड़के से बात नहीं करती थी। हमारी भी बहुत कम बात होती थी।

धीरे धीरे मैंने उससे पूछा -तुम्हारा कोई बॉयफ़्रेन्ड है क्या? (more…)